15.11.09

बेवफ़ाई का सच!





कल मुझे इक खबर ने दुखी कर दिया!


मेरे  दोस्त का तलाक हो गया!


आम बात(खबर) है ये आज कल,


पर मेरे दुखी होने की वजह थी,


दोनों ’तलाक शुदा’ व्यक्ति मेरे दोस्त रहे थे!


एक (उनकी) शादी से पहले और एक शादी के बाद! 




हांलाकि मैं तलाक की वजह नहीं था!




पर अफ़सोस कि बात ये के


काश उन दोनों मे से ,


कोई एक तो ऐसा होता,




जो मोहब्बत की कद्र कभी तो समझता!


3 comments:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आज कल मुहब्बत समझने वाले कहाँ है ..........दिल पत्थर के होते जा रहे हैं .... संवेदनाएँ मर रही हैं ...

Abhinav Sabyasachi Paul ने कहा…

badi achchi baat kahi...

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

... सुन्दर रचना !!!