कल मुझे इक खबर ने दुखी कर दिया!
मेरे दोस्त का तलाक हो गया!
आम बात(खबर) है ये आज कल,
पर मेरे दुखी होने की वजह थी,
दोनों ’तलाक शुदा’ व्यक्ति मेरे दोस्त रहे थे!
एक (उनकी) शादी से पहले और एक शादी के बाद!
हांलाकि मैं तलाक की वजह नहीं था!
पर अफ़सोस कि बात ये के
काश उन दोनों मे से ,
कोई एक तो ऐसा होता,
जो मोहब्बत की कद्र कभी तो समझता!
![Validate my RSS feed [Valid RSS]](valid-rss-rogers.png)





3 comments:
आज कल मुहब्बत समझने वाले कहाँ है ..........दिल पत्थर के होते जा रहे हैं .... संवेदनाएँ मर रही हैं ...
badi achchi baat kahi...
... सुन्दर रचना !!!
एक टिप्पणी भेजें