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Thursday, February 23

सजा इंसान होने की !




मेरे तमाम गुनाह हैं,अब इन्साफ़ करे कौन.
कातिल भी मैं, मरहूम भी मुझे माफ़ करे कौन.

दिल में नहीं है खोट मेरे, नीयत भी साफ़ है,
कमज़ोरियों का मेरी, अब हिसाब करे कौन.

हर बार लड रहा हूं मै खुद अपने आपसे, 
जीतूंगा या मिट जाऊंगा, कयास करे कौन.      

मुदद्दत से जल रहा हूं मै गफ़लत की आग में,
मौला के सिवा, मेरी नज़र साफ़ करे कौन.

गर्दे सफ़र है रुख पे मेरे, रूह को थकान,
नफ़रत की हूं तस्वीर,प्यार बेहिसाब करे कौन.



19 comments:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

मुदद्दत से जल रहा हूं मै गफ़लत की आग में,
मौला के सिवा, मेरी नज़र साफ़ करे कौन...वाह

Saru Singhal ने कहा…

bahut sundar aur gahan kavita...

amrendra "amar" ने कहा…

बहुत ही सुंदर भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति ने कहा…

बहुत खूब भाव..

kshama ने कहा…

मौला के सिवा, मेरी नज़र साफ़ करे कौन.

गर्दे सफ़र है रुख पे मेरे, रूह को थकान,
नफ़रत की हूं तस्वीर,प्यार बेहिसाब करे कौन.
Wah! Kya baat hai!

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

वाह! क्या बात है

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत उम्दा ग़ज़ल!

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

nice.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

मुदद्दत से जल रहा हूं मै गफ़लत की आग में,
मौला के सिवा, मेरी नज़र साफ़ करे कौन....

Bahut khoob ... Gazab ka sher hai ... Maza AA Gaya ...

संजय @ मो सम कौन ? ने कहा…

बहुत खूब, कुश भाई। एक एक पंक्ति बहुत उम्दा है, सलाम पहुँचे।

ktheLeo ने कहा…

आप सब पारखी पाठकों को तहे दिल से शुक्रिया। मुझे अच्छा लगा ये जान कर कि मेरी बात आप सब तक पहुँच पाई।

vidya ने कहा…

हर बार लड रहा हूं मै खुद अपने आपसे,
जीतूंगा या मिट जाऊंगा, कयास करे कौन.

बहुत बहुत बढ़िया...
बेहतरीन ब्लॉग....

S.N SHUKLA ने कहा…

सुन्दर सृजन , बधाई.

मेरे ब्लॉग meri kavitayen की नवीनतम प्रविष्टि पर आप सादर आमंत्रित हैं.

avanti singh ने कहा…

umda rachna!

anju(anu) choudhary ने कहा…

वाह बहुत खूब

अनुपमा पाठक ने कहा…

'मौला के सिवा, मेरी नज़र साफ़ करे कौन'
वाह!!!

Shanti Garg ने कहा…

बहुत बेहतरीन....
मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

सतीश सक्सेना ने कहा…

दिल में नहीं है खोट मेरे, नीयत भी साफ़ है,
कमज़ोरियों का मेरी, अब हिसाब करे कौन.

बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति ...
हर लाइन सोंचने को मजबूर करती हैं
शुभकामनायें आपको !

सतीश सक्सेना ने कहा…

दिल में नहीं है खोट मेरे, नीयत भी साफ़ है,
कमज़ोरियों का मेरी, अब हिसाब करे कौन

आप कमाल का लिखते हैं ....
शुभकामनायें खूबसूरत लेखनी को !