ये सब हैं चाहने वाले!और आप?

Sunday, July 16, 2017

आओ न!
नज़दीक!
नहीं !
न सही!
कम से कम,
ख्यालों मे!
न न!
ख्वाबों में नहीं !
जब से तुम गये, नींद आई ही नहीं।

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बेहिचक अपने विचारों को शब्द दें! आप की आलोचना ही मेरी रचना को निखार देगी!आपका comment न करना एक मायूसी सी देता है,लगता है रचना मै कुछ भी पढने योग्य नहीं है.So please do comment,it just takes few moments but my effort is blessed.