ये सब हैं चाहने वाले!और आप?

Tuesday, March 26, 2013

हैली होप्पी!



होली सब को खुशियों के रंग में सराबो कर दे!
Happy
Holi

Friday, March 15, 2013

ख्वाहिशें


ख्वाब पलकों के पीछे से चुभने लगे,
मेरा दिलबर मुझे रू-ब-रू चाहिये!


अँधेरा पुतलियों तक  पहुँचने लगा,
नूर तेरा मुझे अब चार सू चाहिये!



फ़ूल कागज़ के हैं ये महकते  नहीं,

गेसुओं की तेरे मुझको वो बू चाहिये!


आँख से जो गिरा अश्क है बेअसर,
जो लफ़्ज़ों मे हो वो लहू चाहिये!