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Friday, April 28, 2017

बात बात में वो बात भूल गया
जो बात बताने के लिये
बात शुरू की थी,
क्या पता था,
बातों बातों मे वो बात भी आ जायेगी,
जिसे बताने से,
बात बिगड आयेगी ,
मगर,
गम इस बात का है,
कि वो बात जो बतानी थी,
मगर भूल गया,
वही बात
उन्हें बुरी लगी शायद!
क्यों कि,
"बातों बातों में कोई बात बुरी लगी हो शायद,
मेरा महबूब बिना बात के खफ़ा नहीं होता."

Wednesday, April 12, 2017

मिट्टी है.

ये तख्त-ओ-ताज, ये महराब,
सच में ये ख्वाब,सब मिट्टी है।
ये हिटलर,ये मीर, वो गालिब,
सिकन्दर-ओ-सोहराब सब मिट्टी हैं।
तमाम जवाब और फलसफे,
ये ज्ञान,वो किताबें सब मिट्टी है।
मिट्टी ही हकीक़त है इस जहाँ की,
ये सोने से तुलने का अहसास सब मिट्टी है।

वो मेरा है,मासूम है,आ जायेगा,
दिल की ये आस,छलावा,सब मिट्टी है।