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Saturday, October 15, 2022

काजल तुम्हारा,

 काश काजल तुम्हारा,

चाँद की रोशनी को कम कर पाता,

एक दिन तो,

मैं भी ख्वाब

आँखों में सजाना चाहता हूँ!

नींद आने के लिये,

एक दिन तो मिले,

जब रोशनी मेरी पुतलियों को,

जलाये न!

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